Friday, 18 April 2014

देश के युवा मतदाताओं को सलाम, जिन्होंने बदलाव के लिए वोट दिया है...

13 अप्रेल को हुए मतदान ने बड़े-बड़े चुनावी पंडितों को हैरान कर दिया जो पिछले सालों हुई वोटिंग के आधार पर अपने-अपने कयास लगा रहे थे। जो बम्पर वोटिंग हुई उसने राजनीतिक पार्टियों को यह सीख भी दे दी कि देश के मतदाता अब जागरूक हो गए हैं और अब वो घर से निकलकर देश के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, उन्हें हल्के में ना लिया जाए। इस बार युवा मतदाता जो पहली बार वोट दे रहे थे, भी भारी मात्रा में मतदान करने पहुंचे। चंडीगढ़ में हुई 74 फीसदी वोटिंग ने सबको पीछे छोड़ दिया। हमने चंडीगढ़ के कुछ फर्स्ट टाइम मतदाताओं से बात की और जानने की कोशिश की कि उन्होंने वोट किस मुद्दे पर दिया और उनके लिए मतदान क्यों महत्वपूर्ण है।



अनीता (बीए, फाइनल ईयर)- मैंने पहली बार वोट दिया और बहुत अच्छा लगा। वोट सबको देना चाहिए, यह सारे नागरिकों का अधिकार है। कांग्रेस कब से शासन कर रही है, बदलाव ज़रूरी है और मैंने बदलाव के लिए वोट दिया।

निकिता (21 साल)- वोट इसलिए दिया कि हमें बेहतर जिंदगी चाहिए। इस उम्मीद में वोट दिया कि नई सरकार बजट को सही तरीके से इस्तमाल करके महंगाई को काबू करेगी, महिलाओं की सुरक्षा पर काम करेगी और पूरे देश की स्थिति में बदलाव आएगा।

अमित (बीए, प्रथम वर्ष)- मैंने इसलिए वोट दिया कि देश में कुछ परिवर्तन आए, देश की तरक्की हो। मैंने अपनी तरफ से एक अच्छे उम्मीदवार को वोट दिया है और मुझे उम्मीद है कि देश में कुछ अच्छा होगा।

वंदना (एम कॉम, सेकेंड सेमेस्टर)-पहली बार वोट देने के बाद मुझे लगने लगा कि अब मैं भी भारत की नागरिक हूं। मुझे वोट देने का अधिकार मिल गया। मुझे लगता है वोट सबको देना चाहिए। अगर आपको बदलाव लाना है तो वो केवल वोट देकर लाया जा सकता है। मैंने वोट इस उम्मीद में दिया कि हमें रोजगार के ज्यादा अवसर मिलें, गरीबी खत्म हो और हमारा देश सबके लिए मिसाल बनें।

कुसुम जोशी (21 साल)- देश से भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए। और मैंने इसलिए वोट दिया कि भ्रष्टाचार खत्म हो और देश को अच्छा नेता मिले।

आप इन्हें मूर्ख नहीं बना सकते, ये जागरूक हैं और अंदर क्या है, बाहर क्या है... सब जानते हैं...

हमने कुछ ऐसे युवाओं से भी बात की जिन्हें या तो वोट देना है या दे चुके हैं, चुनाव को लेकर उनका क्या मानना है और वो किस पार्टी को पसंद करते हैं.., इस बारे में दो अलग अलग विचारधाराएं रखने वाले युवाओं के विचार ...

झूठी है मोदी लहर, अरविंद केजरीवाल है सही इंसान

देहरादून निवासी हिना असवाल इन चुनावों में पहली बार वोट देंगी। हमने जब उनसे चुनावी पार्टियों पर उनकी पसंद नापसंद को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने साफ कहा कि मोदी लहर की जो बातें चल रही हैं वो पूरी तरह से झूठी हैं और यह मोदी लहर दरअसल मीडिया की बनाई हुई है, बाकी देश में कोई मोदी लहर नहीं। जिस गुजरात विकास मॉडल की इतनी वाह-वाही हो रही है, वो भी झूठा है। सच्चाई यह है कि गुजरात में साक्षरता दर बहुत कम है, शिशु मृत्यू दर बहुत ज्यादा है। अम्बानी और अडानी जैसे लोग मोदी का समर्थन कर रहे हैं और इसलिए वो इतना बढ़ चढ़कर बोल रहे हैं। हिना कांग्रेस का भी समर्थन नहीं करतीं, कहती हैं- कांग्रेस के बारे में तो जो कहा जाए वो कम है। उन्होंने देश को केवल लूटा है और इतना ज्यादा लूटा है.., स्विस बैंक ने जो लिस्ट निकाली है अगर वो पब्लिक हो जाए, तो सबके सब जेल जाएंगे। मैं ना मोदी को मानती हूं ना कांग्रेस को, मेरे लिए तो अरविंद केजरीवाल सही चॉयस है। वो अपनी समाज सेवी संस्था के जरिए 2002 से समाज में परिवर्तन लाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बहुत से गरीब लोगों को बीपीएल कार्ड्स दिलवाएं हैं। बहुत काम किया है। लोगों को जागरूक किया है। उनको अवॉर्ड मिल चुके हैं। ऐसे कितने लोग होते हैं जो अपनी अच्छी भली नौकरी छोड़ कर लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं, समाज सेवा के काम में जुट जाते हैं। उनकी ईकोनॉमिक एनालिसिस भी बहुत अच्छी है, इसलिए मेरा वोट तो ‘आप’ के लिए होगा। एक और बात बताते हुए हिना कहती हैं कि यहां जो ‘आप’ की उम्मीदवार हैं, वो कंचन चौधरी हैं और वो बहुत ही ईमानदार हैं। लेकिन यहां भाजपा के जो उम्मीदवार है निशंक, वो तो भ्रष्टाचारी हैं। उनका बैकग्राउंड भी अच्छा नहीं है। तो मैं उन्हें वोट क्यों दूं? मेरे परिवार के लोग भी केवल मोदी-मोदी ही करते हैं लेकिन मैं उनका समर्थन नहीं करती। मैं अरविंद का समर्थन करती हूं क्योंकि वो हमारे लिए कुछ करना चाहता है और लोग उसे थप्पड़ मारने में लगे हैं...। जो भी हो मैं अरविन्द का ही समर्थन करती हूं।

मजबूत उम्मीदवार हैं नरेन्द्र मोदी, केजरीवाल के बारे में तस्वीर साफ नहीं

गरिमा गुंसाईं भंडारी दिल्ली में अपना वोट डाल चुकी हैं। जब हमने उनसे उनकी पसंद के बारे में पूछा कि उन्होंने किसे और क्यों वोट दिया तो उन्होंने बताया कि उनकी पसंद बीजेपी है क्योंकि उन्हें लगता है नरेन्द्र मोदी एक मज़बूत उम्मीदवार है और बदलाव ला सकता है। गरिमा कहती हैं कि आज की तारीख में महिला सुरक्षा, जनता के प्रति जिम्मेदारी, भ्रष्टाचार, महंगाई ऐसे बहुत से मुद्दे हैं जिस पर कांग्रेस सरकार पूर तरह असफल हुई है इसलिए बदलाव बहुत ज़रूरी है और यह बदलाव बीजेपी ला सकती है। हमें उन्हें एक मौका देना चाहिए। लेकिन बदलाव की बात तो अरविंद केजरीवाल भी करते हैं फिर उन्हें मौका क्यों ना दिया जाए..., जब हमने गरिमा से यह सवाल पूछा तो गरिमा का कहना था- देखिए केजरीवाल के बारे में तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा कि यह बन्दा करना क्या चाहता है। मैंने विधानसभा चुनावों में ‘आप’ को वोट दिया था लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ खास किया नहीं और अब तो लगता है उनका फोकस ही चला गया है। वो लोग भी और राजनेताओं की तरह ही काम कर रहे हैं, दल बना रहे हैं, बातें कर रहे हैं, फिर उन पर भरोसा कैसे किया जाए। और दिल्ली तक तो ठीक था लेकिन देश चलाने का अनुभव मुझे नहीं लगता उन्हें है। इसलिए मैंने उन्हें वोट नहीं दिया। लेकिन बीजेपी को तो सब कट्टर पार्टी कहते हैं, आपको उससे कोई परेशानी नहीं.., इस सवाल के जवाब में गरिमा का कहना था कि मुझे तो लगता है यह मीडिया की बनाई बाते हैं। वरना ऐसा कट्टर जैसा तो मुझे कुछ नहीं दिखता बल्कि कट्टर टाइप तो मुझे आप दिखती है...।

युवा मतदाताओं में जोश देखकर अच्छा लगता है...

जी के अवस्थी- जी के अवस्थी ने अब तक हर बार मतदान किया है। युवाओं में यह जोश देखकर वो काफी खुशी जाहिर करते हैं और कहते हैं कि इस बार का चुनाव काफी अच्छा हो क्योंकि मतदाता ज्यादा तादाद में वोट डालने आए हैं। पहले जहां ग्रामीण इलाकों में ही अच्छी वोटिंग होती थी वहीं आज शहरी मतदाता भी जागरूक हो गए हैं और वोट डालने के लिए घरों से निकलने लगे हैं, क्योंकि लोग चाहते हैं कि वो अच्छी सरकार चुने और खुद चुनें।

हिंद प्रहरी संवाददाता

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