जब हम छोटे थे तो
देवी-देवताओं-दानवों की पराक्रमी कहानियों को सुनना बड़ा ही अच्छा लगता था। यहां
तक कि हम यदा कदा उन्ही कहानियों कि छोटी मोटी पहेलियां बनाकर अपने ज्ञान का
प्रदर्शन भी दोस्तों के बीच करने से चूकते नही थे। ऐसी ही एक कहानी थी क्षीर सागर
के मंथन की जिसमें से वासुकि का प्रकटन हुआ था और फलस्वरुप दानवों का पतन।
बस यही एक अंतर है कि
मेरी कहानी पतन की नही उदय की है। और ये कोई कहानी नही ये सच है कि बांग्लादेश के
आदेश का जब कनाडा में मंथन किया गया तो एमीलिया देवी प्रकट हुईं। जो कि बड़ी ही
तीव्रता से विश्व समुदायों के बीच स्वपन सुंदरी बनने की ओर अग्रसर हैं। अर्थात्
उनका शरीर तो स्त्री का उत्पन्न हुआ है पर आंख उनकी अर्जुन के समान है। उन्हे ऐसे
वैसे चाहे जैसे विश्व सुंदरी बनना है - बस!!
वास्तव में इस कहानी ने
आदेश नाम के साथ हमारे अपने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के शहर ढाका में नवम्बर 1990
में जन्म लिया था। कट्टर मुस्लिम परिवार का हिस्सा बने आदेश का शरीर तो लड़के का
था पर उसके मन में हमेशा ही सरसों के खेत में चुन्नी लहराने की लालसा हिलोरे मारती
रहती। जब उसके माता पिता घर में नहीं होते तो वो अपनी मम्मी के कपड़ों और मेकअप के
सामान में खोकर इस इच्छा को घर की दीवारों के बीच ही उफनने देता। कई बार आदेश को
लड़कियों के समान हरकतों और आदतों का प्रदर्शन करने के लिए हंसी का पात्र भी बनाया
गया। लेकिन इन सबसे आजिज आकर आदेश को कभी अपने शौक पर पछतावा नही हुआ।
हां यह ज़रूर है कि उसने
उन आदतों और सपनों को अपनी कभी ना पूरी होने वाली ख्वाहिश मान कर सच में सपना समझ
लिया और जीवन की राह पर आगे बढ़ गया। पर शायद अल्लाह को आदेश के दिल की ख्वाहिश पर
लगा ताला मंजूर नही था तो उसने उस ताले की चाबी ले जाकर आदेश के हाथ में थमा दी।
वर्ष 2009
में अच्छी तालीम हांसिल करने के लिए आदेश को उसके परिवार ने कनाडा के टोरेंटो शहर
भेजा। जहां आदेश की बदलती किस्मत और उभरती नई शख्सियत उसके इंतजार में थी। टोरेंटो
में रहने के दौरान आदेश को कनाडा मूल की बेहद चर्चित मॉडल जीना तलाकोवा के ट्रांसजेंडर
होने के बारे में पता चला, जिन्होंने की 14 वर्ष की आयु में लिंग परिवर्तन का मन बनाया था और अपना लिंग परिवर्तित कराकर वो
लड़की बन भी गईं। उन्होंने राष्ट्रीय सुंदरी प्रतियोगिता में भाग भी लिया था।
हालांकि जीना के लिंग परिवर्तन को मुद्दा बनाकर उन्हें वर्ष 2012
में मिस यूनिवर्स कनाडा प्रतियोगिता से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। जिसके
बाद जीना ने प्रतियोगिता के आयोजकों और ज्यूरी के फैसले को नाइंसाफी कहते हुए
अदालत में चुनौती दी और प्रतियोगिता में वापसी का हक़ पाकर आदेश जैसे उभरते चेहरों
के सपनों में रंग भर दिए जो लड़की बन कर ना सिर्फ जीना चाहता था बल्कि उसके दिल
में विश्व सुंदरी बनने की भी ख्वाहिश थी।
बस फिर क्या था आदेश का मन
उसे मन ही मन समझाने लगा कि जीना की रांह पर चलकर वो भी अपने ख्वाहिशो को पर लगा
सकता है,और बचपन से ही दुनिया की
सबसे खूबसूरत लड़की बनने का उसका सपना उसकी मंजिल हो सकता है।
शरीर की संरचना में हेर
फेर के लिए हारमोन्स में प्रारंभिक बदलाव करवाने के बाद आदेश को महसूस होने लगा कि
‘हां यहीं तो एहसास है, जो वो बचपन से पाना
चाहता था, इतने
साल वो एक गलत शरीर और एहसास का हिस्सा था जिससे उसने खुद को आजाद होता पाया। उसने अपने शरीर के साथ ही
अपने नाम को भी ‘आदेश’ से
बदलकर ‘एमीलिया’ कर
लिया। अपने शरीर की बनावट पर लगभग 8000 यूरो खर्च करने के बाद आदेश ने ऐमीलिया बनकर पहला मॉडलिंग फोटो शूट किया और अपनी तस्वीरें देखी तो
मिस वर्ल्ड बनने की उसकी आशा और उसके मनोबल में चार गुना बढ़ोत्तरी हो गई।
अपने एक साक्षात्कार के दौरान एमीलिया के लिए
मानो अपनी ख़ुशी को सीमित रख पाना मुश्किल था “मिस वर्ल्ड बनना मेरा जिंदगी का सबसे बड़ा सपना है। मैं बचपन से
ही जानती थी की मेरी रुह एक गलत शरीर का हिस्सा है, पर तब लिंग परिवर्तन करने जैसा कोई विकल्प
मेरे पास नही था। लेकिन अब लिंग परिवर्तन के बाद मुझे महसूस होता है कि अगर मैं
अल्लाह और खुद में विश्वास रखूं तो मैं अपने मन की सारी ख्वाहिशें पूरी कर सकती
हूं।”
शुरुआत में जब ढाका स्थित
आदेश के परिवार ने उसे लिंग परिवर्तन के बाद एमीलिया बन चुके देखा, तो
उन्हें अपने वंश का दीपक डूबता नज़र आया। उन्होने उससे किसी भी प्रकार का संपर्क
रखना बंद कर दिया। पर डूबता ही सही वो दिया उनके परिवार का हिस्सा था, तो
कब तक उससे दूरी बना सकते थे। तो समय गुज़रने के साथ ही अब एमीलिया का परिवार तो उसकी
इच्छाओं का सम्मान करते हुए उसके हक में है ही, बांग्लादेश को भी एमीलिया के रुप में मिस वर्ल्ड
जैसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपना सिर उठाने के लिए रीढ़ मिल गई है। कल का
‘आदेश’
आज देश का गौरव और जुझारु एमीलिया बनकर खूब प्रशंसा बटोर रहा है।
ट्रांसजेंडर होने की खबर
के आम होते ही टोरंटो के स्थानीय लोगों ने अखबार ‘द टोरंटो सन’ द्वारा किए गए आकर्षक फोटो शूट में एमीलिया को स्थान देने को
लेकर अच्छा खासा बवाल मचाया। पर इस सब से एमीलिया के मनोबल में कोई कमी नही आई है।
बल्कि उनका मानना है कि –“इस
तरह के विरोध उनके प्रदर्शन और रास्ते में कोई अड़चन नही पैदा कर सकते। यह विरोध करने वाले लोगों
की समस्या है कि वो अपनी सोच को नए परिवेश के अनुरुप कब तक विकसित करते हैं। वो एक
सुन्दर महिला हैं और लोगों को उनके विचारों और व्यक्तित्व का आदर करना चाहिए।”
हालांकि उनकी लिंग
परिवर्तन सर्जरी का कुछ हिस्सा होना अभी बाकी है, लेकिन इस वर्ष मिस वर्ल्ड कनाडा
प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए उनके मन में कोई संशय नही है।
एमीलिया एक आकर्षक महिला
के तौर पर अपने पुरुष मित्र चार्ल्स के साथ टोरेंटे में रहती हैं। शुरुआत में जब
एमीलिया की मुलाकात चार्ल्स से हुई थी तक चार्ल्स को एमीलिया की पिछली जिंदगी के
बारे में कोई जानकारी नही थी। लेकिन जब एमीलिया ने चार्ल्स को अपने लिंग परिवर्तन
की कहानी सुनाई तो चार्ल्स के लिए उन पर यकीन करना असहज था। बहरहाल शुरुआती दिनों
के संघर्ष के बाद एमीलिया आज की प्रभावी और होनहार मॉडल हैं और चार्ल्स एमीलिया के
इस परिवेश से बेहद प्यार करते हैं।
एमीलिया के परिवार की ही तरह चार्ल्स को भी अपने
परिवार को समझाने में थोडा वक्त लगा, पर आज दोनों परिवारों की नज़र में एमीलिया
और चार्ल्स एक खुशहाल और प्यार भरी जिंदगी जी रहे हैं। चार्ल्स हमेशा लोगों को
बताते रहते हैं कि उनकी और एमीलिया की जोड़ी सबसे खास है और एमीलिया उनकी हर परेशानी समझती हैं
क्योंकि वो खुद किसी समय उनके समान एक लड़का ही थीं। चार्ल्स
के शब्दो में “एमीलिया
बाहरी दुनिया से डरकर अपने दिल की ख्वाहिशों का दमन करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत
हैं, उनके
सपनों का रास्ता है, दिल के बंद तालों की मास्टर ‘की’
है”।
निधि रावत



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