देखिए चंडीगढ़ में काफी समय से कांग्रेस का शासन चल रहा है। इसलिए बदलाव होना ज़रूरी है। बहुत सारे प्रोजेक्ट्स अटके पड़े हैं। जैसे ट्रांसपोर्टेशन के लिए बहुत सारा काम यहां होना है जो अभी तक किया नहीं गया है। यहां मेट्रो के लिए भी प्रस्ताव दिया गया था लेकिन वो मामला भी कैंसल हो गया। फिर एक मेडिसिटी बनाने के बारे में भी राज्य सरकार ने प्रस्ताव दिया था, उसको भी फिलहाल पोस्टपोन कर दिया गया है।
मैं यह नहीं कहता कि काम नहीं हुए हैं लेकिन यहां का जो इन्फ्रास्ट्रक्चर है, उसके हिसाब से जिस गति से होने चाहिए थे, उस गति से नहीं हुए हैं। पवन बंसल चूंकि रेल मंत्री हैं, तो उन्होंने एक काम चंडीगढ़ के लिए ज़रूर बहुत अच्छा किया है, वो यह कि उन्होंने चंडीगढ़ तक रेलगाड़ियों की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी कर दी है। तो रेलवे का विकास, खासतौर से यहां तो उनके कार्यकाल में काफी हुआ है। लेकिन मुद्दे और भी बहुत हैं। कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार की खबरें इतनी आम हो गई हैं, कि लोग दुखी हो चुके हैं और बदलाव चाहते हैं। भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहते हैं।
मैं चाहता हूं कि इस बार बीजेपी आए। माना कि उन्होंने किरन खेर को खड़ा किया है, लेकिन एक तो वो यहां की बेटी हैं और अगर यह भी मान लिया जाए कि उन्हें शायद मुम्बई में रहना पड़े, तो भी कम से कम यहां बीजेपी की जो लोकल लीडरशिप है वो तो मौजूद है। जैसे हरमोहन धवन हैं, सतपाल जैन हैं, इन लोगों ने प्रशासन में नहीं होते हुए भी बहुत अच्छा काम किया है। ज़मीनी स्तर पर काम किया है और लोगों तक इनकी पहुंच है। तो इस बात का फायदा तो बीजेपी को मिलेगा।
अब रही आप प्रत्याशी गुल पनाग की बात, तो देखिए मैं साफ बात करता हूं, वो एक मॉडल हैं, एक्टर हैं जो यहां की हैं तो लेकिन शायद उन्हें यहां के बारे में इतना पता नहीं। और फिर वो आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी हैं। जो मुझे लगता है केवल बीजेपी और कांग्रेस के वोट काटने आई हैं, क्योंकि यहां तो वो बिल्कुल नयी है। दिल्ली में तो फिर भी आप का जन्म हुआ है, लेकिन यहां उन्होंने क्या किया है..।
केके अग्रवाल (अनुभवी)
मनो माजरा, चंडीगढ़ के निवासी के के अग्रवाल राजनीति और राजनेताओं में दिलचस्पी रखते हैं और इस बारे में खुद को अपडेट भी रखते हैं। उनकी पसंदीदा पार्टी भी बीजेपी ही है लेकिन साथ ही वो एक बात और कहते हैं। उनका मानना है कि बीजेपी ने एक बाहरी व्यक्ति यानि किरन खेर को टिकट देकर गलती कर दी। अग्रवाल जी कहते हैं कि यहां बीजेपी के लोकल अच्छे नेताओं की कमी नहीं है। यहां के नेताओं को लोग अच्छे से जानते हैं ऐसे में उन्हें और पार्टियों की देखादेखी किसी मुम्बई की अभिनेत्री को टिकट देने की क्या ज़रूरत थी। यह सच है कि किरन खेर यहीं जन्मी हैं, लेकिन सब जानते हैं वो यहां नहीं रहती। उनका घर तो मुम्बई है। यहां और वरिष्ठ बीजेपी सदस्य हैं उन्हें टिकट दिया जाता तो शायद बीजेपी के लिए ज्यादा अच्छा होता। चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा ज़रूरत किस चीज़ की है, इस सवाल पर अग्रवाल जी का कहना था कि यहां सबसे ज्यादा क्लीन गवर्नेंस की ज़रूरत है। हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सरकारी दफ्तर में एक काम बिना पैसों के नहीं होता। और हम इस भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहते हैं इसलिए भी बदलाव की ज़रूरत है।
लेकिन भ्रष्टाचार मुक्त भारत का अभियान तो आम आदमी पार्टी चला रही है, जब हमने उनसे यह कहा तो उन्होंने कहा कि देखिए, आम आदमी पार्टी विपक्ष में बैठने के लिए तो ठीक है लेकिन प्रशासन चलाने की जहां तक बात है तो उसमें वो पूरी तरह विफल हैं। जनता दिल्ली में उनको मौका देकर देख चुकी है। जब आपको सरकार चलानी ही नहीं आती, अपने कामों के लिए ही धरने पर बैठना पड़ता है तो कैसे आप सरकार में आकर भ्रष्टाचार का मुकाबला करेंगे। आपको मौका मिला था, खुद को साबित नहीं कर पाए..। तो उनको तो अभी आने में वक्त लगेगा। हमें स्टेबल सरकार चाहिए जो बीजेपी दे सकती है।
सत्यवती आचार्य (गृहणी)
सत्यवती आचार्य (गृहणी)
एक अध्यापिका के पद से रिटायर हुईं श्रीमती सत्यवती आचार्य से जब हमने इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें नरेन्द्र मोदी बहुत प्रभावी नेता लगते हैं जो देश की दशा और दिशा दोनों बदल सकते हैं। गुजरात एक विकास मॉडल की तरह उभरा है और वो पूरे देश में ऐसा ही विकास देखना चाहती हैं इसलिए इस बार उनकी पसंद बीजेपी है। श्रीमती आचार्य कांग्रेस के पवन बंसल की भी तारीफ करती हैं। वो कहती हैं कि एक बार पवन बंसल हमारे स्कूल में आए थे, और भी एक-दो बार उनसे मुलाकात हुई हो तो काम करने वाले इंसान और प्रभावी नेता तो वो भी लगते हैं, और उन्होंने चंडीगढ़ में काम किया भी है लेकिन अभी हाल में रेलवे घूसकांड में जो मामा-भांजा प्रकरण हुआ उसके कारण उनकी छवि में दाग लग गया है। इसलिए उनको लेकर हिचक का वातावरण हैं। और फिर चूंकि हम बीजेपी को केंद्र की सत्ता पर काबिज होते देखना चाहते हैं, उसके लिए भी ज़रूरी है कि वो ज्यादा से ज्यादा सीटों से जीते। इसलिए भी शायद चंडीगढ़ में बीजेपी की हवा कुछ ज्यादा है। जहां तक ‘आप’ का सवाल है... उसके बारे में सत्यवती जी को नहीं लगता कि वो अपनी जगह चंडीगढ़ में बना पाएगी।
बालकिशन अग्रवाल (व्यापारी)
बालकिशन अग्रवाल जी रिटेल व्यापारी हैं जिनकी चंडीगढ़ में अपनी दुकान है। उनसे जब हमने इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें कांग्रेस पसंद है। उन्होंने कहा कि पवन बंसल ने काफी काम किया है और इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। अगर नुकसान होगा तो इस वजह से भले ही हो कि इस बार बीजेपी की हवा ज्यादा है। बालकिशन जी मानते हैं कि चंडीगढ़ में सीधा-सीधा मुकाबला किरन खेर और पवन बंसल के बीच है। आने वाली सरकार से व्यापारी वर्ग की क्या अपेक्षाएं हैं, जब हमने उनसे यह पूछा तो उन्होंने बताया कि हम तो यह चाहते हैं कि चंडीगढ़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी फ्री होल्ड हो जाए। उन्होंने बताया कि शहर की लगभग सारी कमर्शियल प्रॉपर्टी हाउसिंग बोर्ड या कॉरपोरेशन से लीज़ होल्ड पर मिलती है जिसकी वजह से व्यापारियों को दोगुना पैसा खर्च करना पड़ता है। जो भी सरकार आए उससे वो यहीं चाहते हैं कि पहले वो व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड कर दे।
बालकिशन अग्रवाल (व्यापारी)
बालकिशन अग्रवाल जी रिटेल व्यापारी हैं जिनकी चंडीगढ़ में अपनी दुकान है। उनसे जब हमने इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें कांग्रेस पसंद है। उन्होंने कहा कि पवन बंसल ने काफी काम किया है और इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। अगर नुकसान होगा तो इस वजह से भले ही हो कि इस बार बीजेपी की हवा ज्यादा है। बालकिशन जी मानते हैं कि चंडीगढ़ में सीधा-सीधा मुकाबला किरन खेर और पवन बंसल के बीच है। आने वाली सरकार से व्यापारी वर्ग की क्या अपेक्षाएं हैं, जब हमने उनसे यह पूछा तो उन्होंने बताया कि हम तो यह चाहते हैं कि चंडीगढ़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी फ्री होल्ड हो जाए। उन्होंने बताया कि शहर की लगभग सारी कमर्शियल प्रॉपर्टी हाउसिंग बोर्ड या कॉरपोरेशन से लीज़ होल्ड पर मिलती है जिसकी वजह से व्यापारियों को दोगुना पैसा खर्च करना पड़ता है। जो भी सरकार आए उससे वो यहीं चाहते हैं कि पहले वो व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड कर दे।
हिन्द प्रहरी संवाददाता
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