Saturday, 24 May 2014

मोदी उवाच



‘आडवाणी जी ने एक शब्द प्रयोग किया, मेरी आडवाणी से प्रार्थना है कि वो यह शब्द उपयोग ना करें। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र भाई ने कृपा की.. क्या बेटा मां पर कभी कृपा कर सकता है। जैसे भारत मेरी मां है वैसे ही बीजेपी भी मेरी मां है। कृपा तो पार्टी की है जो मां की सेवा करने का अवसर मुझे दिया।’

‘यह जो मोदी आपको दिख रहा है, इसलिए नहीं कि बहुत बड़ा है। इसलिए दिख रहा है कि मेरी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुझे अपने कंधे पर बैठाया है।’

‘नई सरकार देश के गरीबों को समर्पित है। देश के कोटि-कोटि युवकों को समर्पित है और मान-सम्मान के लिए तरसती हमारी मां-बहनों को समर्पित है। गांव हो, गरीब हो, पीड़ित हो, वंचित हो, यह सरकार उनके लिए है।’

‘जितनी भी सरकारें आई, सबने अपनी अपनी तरह से देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। जो अच्छा हुआ उसके लिए वे सरकारें और उनका नेतृत्व करने वाले बधाई के पात्र हैं। हमारा दायित्व है, अच्छाई को लेकर आगे बढ़ें और अच्छा करने का प्रयास करें। यह भाव रहा तो देशवासियों को निराश होने की नौबत नहीं आएगी’।

‘मैं स्वभाव से आशावादी व्यक्ति हूं। डीएनए में लिखा है। पता नहीं निराशा क्या होती है। एक कॉलेज में भाषण हुआ था तो एक बात कही थी। उसे फिर कह रहा हूं। यह गिलास आधा पानी और आधा हवा से भरा है। सकारात्मक मार्ग के लिए आशावादी होना बहुत बड़ी आवश्यकता है। आशावादी व्यक्ति ही देश में आशा का संचार कर सकते हैं’।

‘मैं देश को बताना चाहता हूं कि पुराने अनुभव कितने ही बुरे क्यों न हों, निराशा छोड़नी होगी।’

‘हम सबका विकास चाहते हैं, लेकिन सबका साथ उतना ही अनिवार्य है। इसी मंत्र को लेकर हम आगे बढ़ना चाहते हैं’।


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