आजकल फिल्म आर राजकुमार का एक गाना बड़ा चल रहा है... साड़ी के फॉल सा कभी मैच किया रे...।
लखनऊ के स्टैला मैरिस स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा नविका को भी यह गाना बेहद पसंद है। पूरे समय यहीं गाती रहती है। एक दिन कक्षा में उसी के साथ पढ़ने वाले आर्यन ने पूछ लिया- तू दिन भर यह साड़ी का फॉल सा.. गाना गाती रहती है, तुझे पता भी है, साड़ी का फॉल होता क्या है? नविका चुप.., थोड़ी देर सोचने के बाद बोली- जो कुछ-कुछ साड़ियों पर लेस लगी रहती है ना, उसे साड़ी का फॉल कहते हैं। आर्यन हंसने लगा- “नहीं पागल वो साड़ी का फॉल नहीं होता।” “ तो फिर मुझे नहीं पता”। आर्यन ने पूरी क्लास से पूछा, किसी को पता है इसके बारे में.. पूरी क्लास चुप। तब आर्यन ने नविका को बोला “ठीक है अपनी मम्मी से पूछ कर आना ।”
घर जाकर नविका ने मम्मी को सारी बात बताई और उनसे पूछा कि साड़ी का फॉल क्या होता है? मम्मी ने कहा- मैं तो तुझे बता दूंगी लेकिन जब तेरी पूरी क्लास को नहीं पता तो आर्यन को कैसे पता है। तू पहले आर्यन से पूछना कि उसे पता है साड़ी का फॉल क्या होता है।
दूसरे दिन नविका ने पूरी कक्षा के सामने आर्यन से पूछा कि तुझे तो पता है ना, तो तू ही बता दे साड़ी का फॉल क्या होता है? आर्यन तुरंत अपने कंधे पर हाथ मारते हुए बोला- देख यहां से जो साड़ी नीचे गिरती है ना, उसे साड़ी का फॉल कहते हैं...... ;-) (जिसे दरअसल पल्ला कहा जाता है)।
मत पूछिए जब नविका ने यह बात अपनी मम्मी को बताई तो उनका हंसते-हंसते क्या हाल था। तब उन्होंने नविका को साड़ी दिखाई और बताया कि साड़ी का फॉल दरअसल साड़ी के नीचे, साड़ी से मिलती जुलती एक चौड़ी पट्टी होती है जो साड़ी पर इसलिए लगाई जाती है ताकि उसमें थोड़ा भार आ जाए। एक समय था जब हमारी मम्मियां घर पर साड़ी में में फॉल टांका करती थी और हम जानते थे कि फॉल क्या होता है। लेकिन आजकल एक तो वैसे ही साड़ी पहनने का फैशन कम होता जा रहा है और अगर साड़ी तैयार करवाई भी जाती है तो उसे फॉल लगवाने के लिए बाहर भेज दिया जाता है। शायद यहीं वजह है कि बच्चे जानते ही नहीं फॉल क्या होता है। एक बार आप भी अपने बच्चों से पूछ कर देखिए... ।
हिन्द प्रहरी संवाददाता
घर जाकर नविका ने मम्मी को सारी बात बताई और उनसे पूछा कि साड़ी का फॉल क्या होता है? मम्मी ने कहा- मैं तो तुझे बता दूंगी लेकिन जब तेरी पूरी क्लास को नहीं पता तो आर्यन को कैसे पता है। तू पहले आर्यन से पूछना कि उसे पता है साड़ी का फॉल क्या होता है।
दूसरे दिन नविका ने पूरी कक्षा के सामने आर्यन से पूछा कि तुझे तो पता है ना, तो तू ही बता दे साड़ी का फॉल क्या होता है? आर्यन तुरंत अपने कंधे पर हाथ मारते हुए बोला- देख यहां से जो साड़ी नीचे गिरती है ना, उसे साड़ी का फॉल कहते हैं...... ;-) (जिसे दरअसल पल्ला कहा जाता है)।
मत पूछिए जब नविका ने यह बात अपनी मम्मी को बताई तो उनका हंसते-हंसते क्या हाल था। तब उन्होंने नविका को साड़ी दिखाई और बताया कि साड़ी का फॉल दरअसल साड़ी के नीचे, साड़ी से मिलती जुलती एक चौड़ी पट्टी होती है जो साड़ी पर इसलिए लगाई जाती है ताकि उसमें थोड़ा भार आ जाए। एक समय था जब हमारी मम्मियां घर पर साड़ी में में फॉल टांका करती थी और हम जानते थे कि फॉल क्या होता है। लेकिन आजकल एक तो वैसे ही साड़ी पहनने का फैशन कम होता जा रहा है और अगर साड़ी तैयार करवाई भी जाती है तो उसे फॉल लगवाने के लिए बाहर भेज दिया जाता है। शायद यहीं वजह है कि बच्चे जानते ही नहीं फॉल क्या होता है। एक बार आप भी अपने बच्चों से पूछ कर देखिए... ।
हिन्द प्रहरी संवाददाता

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